ROME WAS NOT BUILT IN A DAY..


कल , RRB PO ने मैन्स परीक्षा का परिणाम जारी किया है, हमारी ओर से उन सभी को शुभकामनाएं जिन्होंने विफलता/नकारात्मकता से बचते हुए इस सबसे बड़ी बाधा को पार किया है.आप सभी लोग सम्मान के पात्र हैं. अब हम उनके बारें में बात करते हैं जो की कट ऑफ में उत्तीर्ण होने में असफल रहे. 
पहले हम आपसे एक चीज कहना चाहेंगे कि प्रिय मित्रों "रोम एक ही दिन में नहीं बनाया गया था, लेकिन वे हर घंटे ईंटें बिछाते थे". 

अब एक बड़ा प्रश्न पूछते हैं, क्या आप प्रतिस्पर्धा में बने रहने की पर्याप्त कोशिश कर रहे हैं, क्या आपने कोई योजना बनाई है, क्या आप उस योजना के अनुसार पढ़ रहे हैं? यदि उत्तर "नहीं" है तो आपको  दोबारा से काम पर लगने की आवश्यकता है.प्रत्येक मिनट, प्रत्येक घंटा और प्रत्येक दिन आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है इसको हाथ से मत जाने दीजिये. यहाँ एक छोटी सी कहानी है जो कि आपको अपने सपने को पूरा करने की अंतर्दृष्टि दे सकती है. नीचे पढ़िए: 


एक युवक को एक बैंक द्वारा एक मैलरूम के पद पर काम पर रखा गया था. जो की एक न्यूनतम पद है, लेकिन वह इस स्थिति में फंस चुका था कि उसे यह नौकरी करनी चाहिए या नहीं. उसके पिता ने उससे पुछा की क्या तुम एक दिन इस बैंक के प्रेसिडेंट बनना चाहते हो? लड़के ने कहा "हाँ". 

तो उसका पिता उसे एक पिन देता है जिसमे "P" अक्षर बना हुआ होता है, वह उसको वह पिन पहनने के लिए कहता है, लेकिन वह यह भी कहता है कि किसी को इसका अर्थ पता नहीं चलना चाहिए. वह पिन उसे यह याद दिलाने के लिए थी कि वह उस बैंक का प्रेसिडेंट बनने के लिए इस बैंक में कार्य कर रहा है. उसके पिता ने उसे कहा की प्रत्येक दिन ऐसे तरीके खोजते रहो जो तुम्हे तुम्हारे लक्ष्य के नज़दीक लाते रहे.

बहुत साल बाद, वह युवक बैंक का प्रेसिडेंट बन जाता है. उसने यह किसी को नहीं बताया की "P" का अर्थ क्या है दुसरे कर्मचारी यह विचार करते रहते कि उसका अर्थ क्या है और अपने आप ही उसका अर्थ बना लेते थे. प्रेसिडेंट का पद पाने के बाद उसने बताया की "P" का असली अर्थ क्या है. 
वह उसको यह याद दिलाने के लिए था कि उसे अपना सपना एक दिन पूरा करना है, और इस बैंक का प्रसीडेंट बनना है.
इस दुनिया में दो प्रकार के लोग हैं. वे जो कहते हैं  "मैं कर सकता हूँ" और "मैं कर के रहूँगा", और वे जो कहते हैं कि "मैं नहीं कर सकता" वास्तव में जिसका अर्थ है कि "मैं कोशिश नहीं करना चाहता"

प्रिय विद्यार्थियों, आप अपने अनुसार अपने सपने को ध्यान में रख सकते हैं, आपकी प्रेरणा कुछ भी हो सकती है-आपका परिवार, नाकामयाबी या किसी भी प्रकार की प्रतिकूल स्थिति. उन्हें जीवन में बाधा की तरह महसूस कीजिये, कड़ी मेहनत कीजिये और शान से उभर का आइये. 

बैंकिंग / एसएससी की परीक्षा में आपका चयन आपके के लिए अपने जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. सबसे पहले उन सभी नकारात्मक जानकारी या विचारों को भुला दीजिये जो आपको अन्धकार की ओर धकेलते हैं.फिर दोबारा से परीक्षा के लिए आवश्यक जानकारी का अधयन्न कीजिये. अपने दिमाग को शांत रखिये. केवल किताबें  ही नहीं बल्कि अन्य कारक भी जीवन में वांछित परिणाम हासिल करने में मदद करते हैं. परीक्षा में आगे और प्रासंगिक बने रहने के लिए, आपको हर दिन अपने तरीकों को विकसित करने की आवश्यकता है, उसके बाद ही आप इस गला काट प्रतिस्पर्धा में टिके रह सकते हैं - इस प्रतियोगिता में बल से नहीं बल्कि बुद्धि से जीता जा सकता है. 

कहानी से प्रेरित होइये लेकिन यह सोच में मत रहिये कि आप भी उसी तरह से और उसी समय पर सफल होंगे… और दृढ़ता और खुली आँखों के साथ आप भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं.




हम आपको आपके प्रयासों के लिए आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हैं, हम हमेशा आपके साथ हैं, आप हम तक पहुच सकते हैं, अपनी दुविधाओं और समस्याओं को हमारे साथ बाटिये और हम उनसे बाहर निकलने के लिए आपको सबसे बेहतर तरीका बताएँगे. 
पढ़िए,  सीखिए और सफलता प्राप्त कीजिये!!!

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